प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे के अंतर्गत निमपुरा पश्चिम आउटर केबिन और मिदनापुर के मध्य 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन परियोजना को 440 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी प्रदान कर दी है। यह परियोजना उच्च उपयोग वाले नेटवर्क मार्ग पर यात्री और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि करेगी तथा कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट जैसी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन को सुदृढ़ करेगी। मौजूदा खंड में 115.71 प्रतिशत क्षमता उपयोग के कारण भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जिसे दूर करने के लिए तीसरी लाइन से अतिरिक्त 3.52 मिलियन टन प्रति वर्ष यातायात संभालने की क्षमता विकसित होगी। इससे रेलवे नेटवर्क की विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता में सुधार होगा, जिससे आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
इस परियोजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, भारतीय रेलवे द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास पर किया जा रहा निवेश रेलवे से संबंधित ऋण, परियोजना वित्तपोषण तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। एसएससी परीक्षाओं में, यह विषय भारतीय अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा विकास तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पूछा जा सकता है, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में, रेलवे क्षेत्र के विकास से जुड़े आर्थिक प्रभाव, माल ढुलाई क्षमता तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार के प्रश्नों के माध्यम से इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट होती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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