✎ गति शक्ति मिशन के अंतर्गत 2,800 किमी माल ढुलाई गलियारा पूर्ण होने से भारत के लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 सितंबर 2026 को वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रमुख परियोजनाओं के शुभारंभ के दौरान अपने संबोधन में ‘गति शक्ति’ पहल के अंतर्गत 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबे समर्पित मालढुलाई गलियारे के पूर्ण होने की घोषणा की। उन्होंने इसे भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक बताया, जो देश की आर्थिक गतिशीलता को और मजबूत करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश में ‘चिप्स से जहाजों तक’ पूर्ण मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण, सौर से परमाणु ऊर्जा तक विविध ऊर्जा स्रोतों तथा भविष्य के उद्योगों जैसे एआई, डेटा सेंटरों के लिए आवश्यक ऊर्जा अवसंरचना पर बल दिया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के निर्माण तथा तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है, जो बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में ‘मेक इन इंडिया’, ‘गति शक्ति’, ‘ऊर्जा सुरक्षा’ तथा ‘लॉजिस्टिक्स क्रांति’ जैसे विषयों के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
इस घोषणा का बैंकिंग क्षेत्र के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि देश में लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से व्यापार सुगमता में वृद्धि होगी, जिससे ऋण प्रवाह, निवेश एवं आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में इन विषयों से संबंधित प्रश्न ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’, ‘सार्वजनिक नीति’ अथवा ‘बुनियादी ढांचा विकास’ जैसे खंडों में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ‘गति शक्ति’ जैसी पहलों का उल्लेख सरकारी योजनाओं, नीति निर्माण तथा तकनीकी आत्मनिर्भरता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो इन परीक्षाओं में विश्लेषणात्मक एवं तथ्यात्मक दोनों प्रकार के प्रश्नों का आधार बन सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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