✎ वन संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी, कानूनी ढांचे और सरकारी योजनाओं द्वारा वन संसाधनों का सतत प्रबंधन आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
वन संरक्षण से संबंधित संसदीय प्रश्नों में सरकार द्वारा वन संरक्षण और सतत वन प्रबंधन के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें स्थानीय समुदायों को शामिल करने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (जेएफएमसी) और पर्यावरण विकास समितियों (ईडीसी) के माध्यम से सहभागी वन प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकार मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत ग्राम सभाओं को वन संसाधनों के प्रबंधन का अधिकार दिया गया है। राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (जीआईएम), क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा), तथा मैंग्रोव पहल (मिष्टी) जैसी योजनाओं के माध्यम से वन और वृक्ष आवरण में वृद्धि तथा खराब वन भूमि के पुनर्स्थापन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वन अग्नि प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना, 2018 तथा वन अग्नि रोकथाम एवं प्रबंधन योजना के माध्यम से वन अग्नि नियंत्रण और प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा रहा है। वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 तथा अन्य कानूनों के तहत वन क्षेत्रों में खनन प्रस्तावों का पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे वन्यजीवों और उनके आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन संरक्षण से संबंधित यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में, वन संरक्षण से जुड़े पर्यावरणीय नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को ऋण प्रदान करने में जोखिम मूल्यांकन के लिए यह जानकारी उपयोगी है। एसएससी परीक्षाओं में पर्यावरणीय कानूनों, सरकारी योजनाओं तथा वन संरक्षण से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनकी तैयारी में यह नोट सहायक होगा। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में भी पर्यावरणीय स्थिरता और सतत विकास से संबंधित मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिनके उत्तर देने के लिए वन संरक्षण योजनाओं की जान
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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