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Left parties seek Gyanesh Kumar’s removal as CEC, suspension of SIR — concept mind map
वाम दलों की मांग: सीईसी हटाओ, एसआईआर निलंबित करोवर्तमान स्थितिवाम दलों की मांगमुख्य चुनाव आयुक्तग्यानेश कुमार पद परहटाने की मांगविशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)चालू प्रक्रियानिलंबन की मांगचुनाव आयोग की पारदर्शिताकायमकमजोर हुईप्रदर्शनकोई नहींसात दिवसीय राष्ट्रव्यापी
वाम दलों की मांग: सीईसी हटाओ, एसआईआर निलंबित करो

✎ वाम दलों ने चुनाव आयुक्त हटाने और एसआईआर निलंबित करने की मांग की है, जिससे निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता बहाल हो सके।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy

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बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए अर्थव्यवस्था विषय पर नवीनतम घटनाक्रम पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। यह घटना ‘वाम दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निलंबन की मांग’ से संबंधित है। इस विषय की प्रासंगिकता पर दो छोटे अनुच्छेद लिखिए।

वाम दलों ने शुक्रवार को विजयवाड़ा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने तथा चुनावी फाइलों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निलंबित करने की मांग की। उनका आरोप था कि इस प्रक्रिया से चुनाव आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मतदाता जो गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए थे, उनके मतदान के अधिकार बहाल किए जाने चाहिए तथा चुनाव आयोग की स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। वाम दलों ने बताया कि 23 सितंबर को एक राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित खबर के अनुसार दो चुनाव आयुक्तों ने मतदाता पंजीकरण, नाम काटने तथा बहाल करने तथा एसआईआर से संबंधित निर्णयों पर आपत्ति जताई थी, जो मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में आयोग के कार्यकरण को दर्शाता है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा प्रणाली को बदलकर एक चयन समिति जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता तथा भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों, द्वारा नियुक्त किए जाने की मांग भी की। वाम दलों ने 26 सितंबर से एक सप्ताह तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने तथा गैर-भाजपा, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों तथा नागरिकों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की।

इस घटना का बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है क्योंकि इसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता एवं पारदर्शिता जैसे संवैधानिक संस्थानों के विषय शामिल हैं, जो सामान्य ज्ञान एवं

स्रोत: The Hindu


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