✎ आदिवासी संस्कृति संरक्षण एवं विकास के लिए सरकारी पहलों का समग्र दृष्टिकोण आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
**विश्व आदिवासी दिवस पर सांस्कृतिक उत्साह के साथ आदिवासी शिल्पकला की प्रदर्शनी**
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अराकू घाटी स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज के मैदान में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आदिवासी हस्तशिल्प और व्यंजनों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री गुम्मडी संध्या रानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जिन्होंने पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में कार्यक्रम में भाग लिया। जिला कलेक्टर टी. निशांति, संयुक्त कलेक्टर तिरुमणि श्री पूजा सहित अन्य अधिकारियों ने भी पारंपरिक आदिवासी पहनावे में इस आयोजन में हिस्सा लिया। निशांति ने बताया कि आदिवासी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखते हुए समावेशी विकास के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें पीजीआरएस योजना, किसान ऋण मेलों और आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार कोशल जैसी पहल शामिल हैं। इसके अलावा, 11 पायलट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शून्य मातृ मृत्यु दर पहल के तहत अप्रैल से जुलाई तक किसी भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है।
इस आयोजन में आदिवासी शिल्पकला की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें गिरिजन सहकारी निगम और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों में कुशिरिगुडा गांव के बांस शिल्प, चोंपी लाख के खिलौने, मादगाडा मिट्टी के खिलौने और आदिवासी पारंपरिक भोजनालय प्रमुख थे। मंत्री संध्या रानी ने आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे 1,000 करोड़ रुपये के बजट वाली आदिवासी थाली बता सड़क संपर्क कार्यक्रम, दूरदराज के क्षेत्रों में फीडर एंबुलेंस सेवा और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्टता स्कूल जैसी पहलों का उल्लेख किया। यह आयोजन न केवल आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास है, बल्कि बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है,
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

