✎ श्रेयस योजना उच्च शिक्षा में पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके भविष्य को उज्जवल बनाती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
श्रेयस योजना केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता प्रदान करने हेतु शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इसके अंतर्गत चार घटकों—निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा, राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति एवं राष्ट्रीय फेलोशिप—के माध्यम से 2014-15 से 2025-26 तक कुल 3,509.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे 1,18,248 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इस योजना का उद्देश्य सामाजिक न्याय सुनिश्चित करते हुए पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जो देश के विकास में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देगा।
बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संबंधित प्रश्न समाज कल्याण, शिक्षा नीति एवं बजट आवंटन जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के घटकों, बजट आवंटन एवं लाभार्थियों की संख्या जैसे तथ्यों का ज्ञान परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बजटीय प्रावधानों का अध्ययन प्रतियोगियों को न केवल सामान्य जागरूकता में बल्कि अर्थव्यवस्था एवं नीति निर्माण जैसे विषयों में भी सहायक सिद्ध होगा।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “श्रेयस योजना: 3509 करोड़ रुपये के खर्च से 1.18 लाख पिछड़े-दलित छात्रों को लाभ!”