✎ धान की पराली प्रबंधन के लिए सीएक्यूएम द्वारा पंजाब के रोपड़, होशियारपुर और अमृतसर में उच्चस्तरीय दल ने ताप विद्युत संयंत्रों, सीबीजी संयंत्रों, कृषि विज्ञान केंद्रों और बायोमास संयंत्रों का दौरा किया तथा किसानों को फसल अवशेष…
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**सीएक्यूएम के अध्यक्ष के नेतृत्व में उच्चस्तरीय दल ने पंजाब के रोपड़, होशियारपुर और अमृतसर में धान की पराली के प्रबंधन संबंधी उपायों की समीक्षा की।** राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय दल ने पंजाब के इन तीन जिलों में स्थित ताप विद्युत संयंत्रों, सीबीजी संयंत्रों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), कृषि क्षेत्रों तथा एक बायोमास संयंत्र का दौरा किया। इस दौरान दल ने धान की पराली के प्रभावी प्रबंधन और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लागू किए जा रहे विभिन्न आंतरिक एवं बाहरी उपायों की समीक्षा की। सीएक्यूएम ने राज्य अधिकारियों को ताप विद्युत संयंत्रों में को-फायरिंग के लक्ष्यों को पूरा करने तथा उत्सर्जन मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पराली के बाहरी उपयोग हेतु तंत्रों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
**यह विषय बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।** धान की पराली के प्रबंधन से संबंधित यह नीति पर्यावरण संरक्षण, कृषि अर्थव्यवस्था तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण जैसे व्यापक मुद्दों से जुड़ी है, जो विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का केंद्र हो सकती है। बैंकिंग क्षेत्र में, जहां पर्यावरणीय स्थिरता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, इस मामले से संबंधित सरकारी पहलों, बजट आवंटन तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के संदर्भ में बहुविकल्पीय प्रश्न बनाए जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में, विशेष रूप से सामान्य अध्ययन के खंड में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, कृषि अवशेषों के निपटान तथा सरकारी नीतियों के कार्यान्वयन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में, जहां समसामयिक घटनाओं तथा सरकारी नीतियों के आर्थिक प्रभावों पर ध्यान दिया जाता है, इस मामले से संबंधित आर्थिक एवं पर्यावरणीय नीतियों के विश्लेषण पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार, इस विषय का अध्ययन परीक्षार्थियों को इन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में सहायता करेगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

