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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) ने नीति आयोग की विशिष्ट फेलो सुश्री देबजानी घोष द्वारा “तकनीकी क्षेत्र को आकार देने वाले प्रमुख रुझान” विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया। इस अवसर पर, सुश्री घोष ने सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की तकनीकी रिपोर्ट “मानव-केंद्रित एआई और सतत विकास: ऊर्जा सुरक्षा के लिए समग्र मार्ग” का विमोचन किया। यह रिपोर्ट मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एचसीएआई) का दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जो एआई विकास के केंद्र में मानवीय मूल्यों, समावेशिता, स्थिरता और जिम्मेदार शासन को रखती है। यह स्मार्ट ग्रिड को मजबूत करने, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण को गति देने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में एआई की क्षमता को उजागर करती है, साथ ही नैतिक सुरक्षा उपायों और हरित एआई प्रथाओं के एकीकरण की वकालत करती है।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इसके शासन से संबंधित है। यह रिपोर्ट और व्याख्यान भारत के विकसित होते तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल नवाचार और सतत विकास लक्ष्यों के साथ एआई के संरेखण पर प्रकाश डालते हैं, जो अर्थव्यवस्था और शासन पर इसके व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। उम्मीदवारों को जिम्मेदार एआई विकास, नीति निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा में एआई की भूमिका जैसे विषयों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये भारत के आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य को आकार देने वाले प्रमुख रुझान हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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