✎ सीबीएसई तीन भाषा नीति के तहत कक्षा 6 के छात्रों को इस साल राहत मिल सकती है, सुप्रीम कोर्ट ने नीति लागू करने पर विचार करने को कहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा निर्देश।** शीर्ष अदालत ने सीबीएसई से इस शैक्षणिक सत्र में कक्षा 6 के छात्रों को तीन-भाषा नीति से छूट देने पर विचार करने को कहा है। तीन न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी शामिल थे, ने मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर तक टाल दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस साल के लिए कक्षा 6 के छात्रों को राहत दी जा सकती है, तो इसका विचार किया जाए। साथ ही, कोर्ट ने सुझाव दिया कि तीन-भाषा नीति को अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारी इस सुझाव पर विचार करेंगे।
**यह नीति एनईपी 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 के अनुरूप है, लेकिन इसके कार्यान्वयन को लेकर उठे सवालों ने इसे विवादास्पद बना दिया है।** सीबीएसई ने 15 मई के परिपत्र में कहा था कि 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य कर दी गई हैं, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होनी चाहिए। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने इस नीति को चुनौती देते हुए कहा है कि इससे छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और परीक्षा के दबाव में वृद्धि होगी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इस नीति के कार्यान्वयन के तरीके पर चिंता जताई थी और कहा था कि बच्चों पर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। यह मामला न केवल शिक्षा नीति बल्कि राष्ट्रीय शैक्षिक ढांचे के व्यापक पुनर्गठन से भी जुड़ा हुआ है, जिससे आने वाले समय में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नौकरियों के लिए तैयार होने वाले उम्मीदवारों की भाषा दक्षता प्रभावित हो सकती है।
स्रोत: amarujala.com
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