
✎ तीन-भाषा नीति में कक्षा 6 के विद्यार्थियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को और समय दिया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने नीति को सुचारू रूप से लागू करने पर जोर दिया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सुप्रीम कोर्ट ने तीन-भाषा नीति मामले में केंद्र सरकार को मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को राहत देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए और समय दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर, 2026 तक के लिए टाल दी है। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीश पीठ ने सरकार से स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता का विवरण देने को कहा है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने प्रस्ताव दिया था कि तीन-भाषा नीति केवल कक्षा 6 से 1 जनवरी, 2027 से लागू की जाए, ताकि मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को साल के अंतिम चार महीनों में अचानक इस नीति के लागू होने से बचाया जा सके।
इस मामले की प्रासंगिकता बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। तीन-भाषा नीति भारत के शिक्षा ढांचे में एक प्रमुख सुधार है, जो संघवाद, भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों से जुड़ा है। परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न संघीय ढांचे, नीति निर्माण प्रक्रिया, न्यायपालिका की भूमिका और शैक्षिक सुधारों के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, इस नीति के माध्यम से सरकारी नीतियों के कार्यान्वयन, प्रशासनिक लचीलेपन और न्यायिक हस्तक्षेप के मुद्दों पर भी बहस हो सकती है, जो प्रशासनिक सेवाओं के लिए आवश्यक विषय हैं।
स्रोत: The Hindu
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