✎ स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर अभियान भारत के तटीय पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों का राष्ट्रीय आंदोलन है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर अभियान सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, जिसका उद्देश्य तटीय क्षेत्रों की स्वच्छता और समुद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डॉ. जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान, जो 2022 में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में 75 दिनों तक चला था, अब वार्षिक राष्ट्रव्यापी पहल बन चुका है। इसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस (सितंबर के तीसरे शनिवार) पर किया जाता है, जिसमें तटीय राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्र सरकार, स्वयंसेवकों, एनजीओ, गणमान्य व्यक्तियों और खेल जगत के लोगों की सक्रिय भागीदारी शामिल है। इस अभियान के माध्यम से सरकार जन-जागरूकता बढ़ाकर प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है, जो भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था के विकास के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया डीप ओशन मिशन भी समुद्री संसाधनों की खोज और उनके संरक्षण पर केंद्रित है, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है।
इस अभियान का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, जहां पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) मानकों पर आधारित ऋण और निवेश बढ़ रहे हैं, यह अभियान सरकार की पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को दर्शाता है, जो वित्तीय संस्थानों के लिए अनुपालन और जोखिम मूल्यांकन में सहायक हो सकता है। एसएससी जैसी परीक्षाओं में, जहां करेंट अफेयर्स और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, इस अभियान का उल्लेख पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सरकारी पहलों के तहत किया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी में, जहां आर्थिक विकास और स्थिरता के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता भी महत्वपूर्ण है, इस अभियान के माध्यम से सरकार की समुद्री संसाधनों के प्रति दृष्टिकोण को समझा
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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