
✎ स्वच्छ सेवा आकलन (एसएसए) ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता सेवाओं का वार्षिक डिजिटल मूल्यांकन एवं सुधार सुनिश्चित करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शुरू किए गए ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ (एसएसए) का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता सेवाओं के वितरण का वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन करना है। इस पहल के माध्यम से ग्राम पंचायतें, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियाँ (वीडब्ल्यूएससी) और ग्राम सभाएँ मिलकर ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) की स्थिति, स्वच्छता संसाधनों की कार्यक्षमता तथा संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) का आकलन करेंगी। इसके निष्कर्षों का सत्यापन ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा और इसे जिला एवं राज्य स्तर पर सुधारात्मक योजनाओं के निर्माण के लिए उपयोग किया जाएगा। यह पहल 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की भावना के अनुरूप ग्राम पंचायतों को स्वच्छता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और सामुदायिक भागीदारी को सुदृढ़ करने में सक्षम बनाएगी।
इस विषय का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। परीक्षाओं में अक्सर केंद्र सरकार की योजनाओं, उनके उद्देश्यों, कार्यान्वयन तंत्र तथा संवैधानिक प्रावधानों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ (एसएसए) जैसी पहलों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा देने वाले तंत्रों को समझने से अभ्यर्थियों को ‘पॉलिटी एवं गवर्नेंस’ खंड में मजबूत पकड़ बनाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, इस विषय से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी जैसे कि 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, ग्राम पंचायतों की भूमिका तथा स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के उद्देश्यों को भी परीक्षाओं में पूछा जा सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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