✎ गुरजाडा अप्पाराव के जन्मदिन को आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्योत्सव घोषित किया है, जिससे तेलुगु साहित्य एवं समाज सुधार के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
**सरकारी घोषणा: 21 सितंबर को गुरजाड़ा जयंती राज्योत्सव के रूप में मनाई जाएगी**
आंध्र प्रदेश सरकार ने महाकवि गुरजाड़ा वेंकट अप्पाराव की जन्म जयंती (21 सितंबर) को राज्योत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर जारी जी.ओ. एमएस. नंबर 193 के माध्यम से यह फैसला लिया गया है। एमएसएमई मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने बताया कि गुरजाड़ा अप्पाराव के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तर पर सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनके प्रसिद्ध कथन *”देशमन्ते मत्तिकादोय – देशमन्ते मनुशुलोय”* (देश माता के समान है, देश मनुष्यों से बना है) उनके मानवतावादी दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो सामाजिक मुद्दों और मानवीय मूल्यों पर केंद्रित था। सरकार ने उनके आवास की सुरक्षा और उनकी संतानों को पेंशन देने का भी निर्णय लिया है।
**परीक्षा की दृष्टि से महत्व:** यह घटना कला एवं संस्कृति के साथ-साथ राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक पहलों से संबंधित है, जो बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक है। राज्योत्सव की घोषणा से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और युवाओं में साहित्यिक जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का पता चलता है, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकारी नीतियों और सामाजिक सुधारों के संदर्भ में भी यह जानकारी उपयोगी है, जो आरबीआई ग्रेड बी के पेपर-II (अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक विकास) तथा एसएससी के जीएस अनुभाग में लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
स्रोत: The Hindu
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