✎ जल सुरक्षा और लचीली वॉश सेवाओं के लिए तकनीकी नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और डिजिटल समाधानों की आवश्यकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
**आईआईडब्ल्यू 2026 के दूसरे दिन जल सुरक्षा, नवाचार और लचीली वॉश सेवाओं पर केंद्रित रहा, जिसने जल प्रबंधन के भविष्य को नया आयाम दिया।** जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (आईआईडब्ल्यू 2026) के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम में जलवायु-लचीले जल प्रबंधन पर केंद्रित तकनीकी सत्रों, देश-विशेष फोरमों और अंतर्राष्ट्रीय वॉश सम्मेलन का आयोजन किया गया। नीदरलैंड के साथ सहयोग पर जोर देते हुए, पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के.के. मीणा ने बताया कि जल सुरक्षा के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, सामुदायिक स्वामित्व, वैज्ञानिक योजना और डिजिटल नवाचार आवश्यक हैं। उन्होंने ‘सुजलाम भारत’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए डेटा-संचालित निर्णय लेने और स्रोत स्थिरता पर बल दिया, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जल सुरक्षा आर्थिक स्थिरता और नीति निर्माण से सीधे जुड़ी है।
**ग्रेवाटर प्रबंधन, एआई-सक्षम तकनीकों और सामुदायिक सहभागिता पर केंद्रित चर्चाओं ने जल संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित किया।** दूसरे अंतर्राष्ट्रीय वॉश सम्मेलन में छह तकनीकी सत्रों के माध्यम से 25 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें जल गुणवत्ता, जलवायु लचीलापन, डिजिटल तकनीकों और वित्तपोषण मॉडलों पर चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रेवाटर प्रबंधन के लिए स्थानीय समाधानों पर बल देते हुए, विशेषज्ञों ने सामुदायिक स्वामित्व और विकेंद्रीकृत उपचार मॉडलों की आवश्यकता पर जोर दिया। ये विषय बैंकिंग क्षेत्र के लिए जल संसाधन प्रबंधन, एसएससी में पर्यावरणीय मुद्दों और आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण के दृष्टिकोण से प्रासंगिक हैं, जहां जल सुरक्षा और टिकाऊ विकास आर्थिक वृद्धि के प्रमुख स्तंभ हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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