✎ वरुण अभ्यास भारत-फ्रांस नौसैनिक सहयोग को मजबूत करता है और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
आईएनएस त्रिशूल 22 सितंबर 2026 को फ्रांस के टूलॉन पहुंचा, जहाँ यह भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में भाग ले रहा है। इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्र दोनों स्तरों पर क्रॉस-डेक विजिट, ऑपरेशनल बातचीत और खेल-कूद जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं, जिनसे दोनों नौसेनाओं को अनुभव साझा करने, आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ाने और रणनीतिक समझ को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। यह अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत समुद्री संबंधों को और गहरा करता है, जो वैश्विक सुरक्षा और सहयोग के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अभ्यास का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह घटना अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों, रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय समझौतों जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अभ्यास भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी बल देता है, जो आर्थिक और तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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