✎ लोकायन-2026 अभियान भारत की समुद्री शक्ति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन-2026 अभियान के अंतर्गत 23 सितंबर 2026 को मिस्र के ऐतिहासिक अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर पहुंचा। यह अभियान 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से आरंभ हुआ था और इसमें जहाज ने 13 देशों के 18 बंदरगाहों से होते हुए लगभग 22 हजार समुद्री मील की दूरी तय की। आईएनएस सुदर्शिनी ने अरब सागर, लाल सागर, भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर सहित विभिन्न जलमार्गों का सफर किया, जिसमें स्वेज नहर पार करने के साथ-साथ फ्रांस के ‘एस्केल ए सेते’ समुद्री महोत्सव में भी भाग लिया। इस दौरान जहाज ने केप वर्डे से होते हुए एंटीगुआ तक की 10,000 नॉटिकल मील की ऐतिहासिक यात्रा पूरी की और बाद में पुर्तगाल के लिस्बन पहुंचकर 15वें बंदरगाह दौरे का साक्षी बना। इस अभियान के माध्यम से प्रशिक्षुओं को लंबी दूरी की नौवहन और पारंपरिक नाविक कौशल का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता में वृद्धि हुई।
लोकायन-2026 अभियान भारतीय नौसेना की अंतरराष्ट्रीय मैत्री और सहयोग को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। आईएनएस सुदर्शिनी की अलेक्जेंड्रिया यात्रा के दौरान मिस्र की नौसेना के साथ पेशेवर संवाद, शिष्टाचार भेंट और पारस्परिक पोत दौरे आयोजित किए गए, जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों को और मजबूती मिलेगी। यह अभियान भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का ‘चलते-फिरते राजदूत’ बनकर वसुधैव कुटुंबकम और ‘सागर’ (क्षेत्र में सुरक्षा एवं विकास) के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर प्रसारित कर रहा है। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं के लिए यह घटना अंतरराष्ट्रीय संबंधों, राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री कूटनीति जैसे विषयों पर दृष्टिकोण प्रदान करती
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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