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RBI Issues Amendment Directions on ‘Conduct of Regulated Entities in Recovery of Loans and Engagement of Recovery Agents — concept mind map

✎ आरबीआई ने ऋण वसूली और वसूली एजेंटों के लिए नए नैतिक निर्देश जारी किए हैं जो जनवरी 2027 से लागू होंगे।

RBI Recovery Directions TimelineDraft IssuedMay 20, 2026Feedback ExaminedStakeholder inputFinal Directions IssuedAug 6, 2026Effective DateJan 1, 2027
RBI Recovery Directions Timeline

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 6 अगस्त, 2026 को ‘ऋण वसूली एवं वसूली एजेंटों की नियुक्ति में संचालित संस्थाओं के आचार संहिता’ से संबंधित संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश 1 जनवरी, 2027 से लागू होंगे और इसमें बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित सभी विनियमित संस्थाओं (आरई) के लिए ऋण वसूली प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं ग्राहक संरक्षण सुनिश्चित करने के व्यापक निर्देश शामिल हैं। दिशानिर्देशों में वसूली एजेंटों की नियुक्ति, उनके प्रशिक्षण, आचार संहिता, तकनीकी माध्यमों से ऋण वसूली, तथा उधारकर्ताओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार जैसे पहलुओं पर जोर दिया गया है। ये कदम ऋण वसूली प्रक्रिया में अनुचित प्रथाओं पर अंकुश लगाने एवं वित्तीय क्षेत्र में उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

इस निर्णय का बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी एवं एसएससी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न ऋण वसूली प्रक्रिया, आरबीआई के विनियामक निर्देश, उपभोक्ता संरक्षण एवं वित्तीय समावेशन जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में इसके तहत नीतिगत पहलुओं, विनियामक ढांचे एवं वित्तीय स्थिरता से जुड़े सवालों की संभावना है, जबकि एसएससी परीक्षाओं में सामान्य जागरूकता अनुभाग में इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: RBI


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