✎ FICN की पहचान, रिपोर्टिंग एवं रोकथाम के लिए RBI द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन बैंकों द्वारा अनिवार्य है।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
नकली भारतीय मुद्रा नोटों (एफआईसीएन) की पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को नकली नोटों की पहचान के लिए प्रशिक्षित करें और मशीनों के माध्यम से सभी प्राप्त नोटों की प्रामाणिकता की जांच करें। बैंकों को नकली नोटों को जब्त करना अनिवार्य है और उन्हें किसी भी स्थिति में लौटाया या नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, बैंकों को आरबीआई द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार नकली नोटों की रिपोर्ट करना होगा। यदि बैंक इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें दंड का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि आरबीआई को भेजे गए नोटों, एटीएम से निकाले गए नोटों या काउंटर से दिए गए नोटों में नकली नोटों का पता चलना। इस विषय का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह देश की आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय प्रणाली की अखंडता से जुड़ा हुआ है।
इस संदर्भ में, बैंकों को अपने कर्मचारियों को नकली नोटों की पहचान के लिए विशेष प्रशिक्षण देने और सीमा क्षेत्रों में स्थित शाखाओं में नोट प्रमाणीकरण मशीनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आरबीआई ने बैंकों को अपने फोर्ज्ड नोट वाइजिलेंस सेल (एफएनवी सेल) के माध्यम से नकली नोटों के डेटा का विश्लेषण करने और हॉटस्पॉट्स की पहचान करने के लिए भी कहा है। यह विषय न केवल बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक प्रासंगिक है, जहां इस तरह के विषयों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
स्रोत: RBI
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