प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार का इंडियाएआई मिशन, जो मार्च 2024 में स्वीकृत हुआ और इसके लिए 10,371 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया, एआई तकनीक को सुरक्षित, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य नागरिकों के विश्वास को बढ़ाना है, ताकि एआई समाधानों का व्यापक उपयोग समाज के हर वर्ग तक पहुँच सके। इस मिशन के अंतर्गत 13 जिम्मेदार एआई परियोजनाएँ, 58 एआई उत्कृष्टता केंद्र और 27 डेटा एवं एआई प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं, जो पूर्वाग्रह निवारण, गोपनीयता संरक्षण, डीपफेक पहचान और व्याख्यात्मक एआई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर काम कर रही हैं। उदाहरण के लिए, आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित मल्टी-एजेंट फ्रेमवर्क डीप फेक का पता लगाने में मदद करता है, जबकि आईआईटी दिल्ली गोपनीयता-संरक्षित मशीन लर्निंग मॉडल पर अनुसंधान कर रहा है। इन प्रयासों से एआई प्रणालियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है, जो बैंकिंग, प्रशासन और डेटा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विश्वास को मजबूत करती है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए तो इंडियाएआई मिशन का महत्व अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, एआई का उपयोग धोखाधड़ी रोकथाम, ग्राहक सेवा और जोखिम मूल्यांकन में किया जाता है, जहाँ सुरक्षित और निष्पक्ष एआई प्रणालियाँ अत्यंत आवश्यक हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में एआई शासन और डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर सवाल पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी परीक्षाओं में सरकारी योजनाओं और तकनीकी पहलों से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं। इंडियाएआई मिशन के माध्यम से विकसित एआई फ्रेमवर्क और मानकों का ज्ञान इन परीक्षाओं में उम्मीदवारों को लाभान्वित करेगा, क्योंकि यह न केवल तकनीकी समझ को बढ़ाता है बल्कि नीति निर्माण और शासन संबंधी मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है। इस प्रकार, यह मिशन न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करता है,
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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