✎ जीएसएलवी-एफ17 द्वारा ईओएस-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण भारत की पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को बढ़ाएगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
**इसरो ने जीएसएलवी-एफ17 के माध्यम से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया**
इसरो ने 4 सितंबर, 2026 को सुबह 2.55 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-05 को जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष-आधारित निगरानी प्रणाली में एक महत्वपूर्ण क्षमता जोड़ता है। लगभग 51.7 मीटर लंबे जीएसएलवी-एफ17 ने 27.5 घंटे की उल्टी गिनती के बाद निर्धारित सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में ईओएस-05 उपग्रह को स्थापित किया। लगभग 2,367 किलोग्राम वजन वाले इस उपग्रह को अब अपनी निर्धारित कक्षा में स्थापित करने के लिए कक्षा-उन्नयन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। ईओएस-05 भू-तुल्यकालिक कक्षा से उन्नत पृथ्वी इमेजिंग क्षमताएं प्रदान करेगा, जिससे यह पारंपरिक लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रहों की तुलना में बड़े भौगोलिक क्षेत्रों का बार-बार अवलोकन कर सकेगा। यह उपग्रह आपदा प्रबंधन, कृषि, पर्यावरण मूल्यांकन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और मौसम संबंधी घटनाओं की निगरानी सहित विभिन्न नागरिक और सामरिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराएगा।
इस सफल प्रक्षेपण से बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों के दृष्टिकोण से भी यह विषय प्रासंगिक है। सरकारी परीक्षाओं में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से देश की तकनीकी क्षमताओं, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा में इसकी भूमिका का आकलन किया जाता है। जीएसएलवी-एफ17 जैसी स्वदेशी तकनीकों के सफल परीक्षण से भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ती है, जो आर्थिक विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रश्नों के लिए भी महत्वपूर्ण है
स्रोत: orissapost.com
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