✎ डोनी-पोलो मिशन स्कूल दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता प्रदान कर समाज में समान अवसर देता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने ९ सितंबर २०२६ को अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित चिम्पू में दिव्यांग बच्चों के लिए बने डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल दिव्यांग छात्रों के साथ संवाद किया, बल्कि उनके द्वारा प्रस्तुत ‘वंदे मातरम’ के गायन से देशभक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत हुए। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि किसी को भी अपने सपनों की सीमा तय नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति अनोखा होता है और उसमें प्रतिभा होती है। उपराष्ट्रपति ने इस संस्थान को शिक्षा के साथ-साथ आशा, गरिमा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का केंद्र बताया, जो ‘विकसित भारत @ २०४७’ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने पर भी बल दिया, जिससे विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकें। इसके अलावा, उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के जे. एन. राज्य संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां उन्होंने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में इसकी भूमिका की सराहना की।
यह घटना राजनीति एवं शासन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह समाज के हाशिए पर स्थित वर्गों के उत्थान और समावेशी विकास पर केंद्रित है। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं में इस तरह के विषयों से संबंधित प्रश्न सामान्य ज्ञान, सामाजिक न्याय, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर आधारित होते हैं। विशेष रूप से आरबीआई ग्रेड बी में सामाजिक मुद्दों और सरकारी पहलों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी में करंट अफेयर्स के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है। इस घटना से यह भी पता चलता है कि सरकार किस प्रकार दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष संस्थानों के माध्यम से उनके अधिकार और विकास को सुनिश्चित कर रही है, जो समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

