✎ स्वच्छता ही सेवा अभियान में उर्वरक विभाग की सक्रिय भागीदारी से सफाई, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
स्वच्छता ही सेवा अभियान, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है, में उर्वरक विभाग ने ‘कबाड़ से कला’ जैसी नवाचारात्मक पहलों के माध्यम से कर्मचारियों की रचनात्मक भागीदारी को बढ़ावा दिया है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने पांच प्रमुख स्तंभों—स्वच्छता सेवा, कबाड़ से कला, खेल भावना, संवाद और ज्ञान यात्रा—पर विशेष ध्यान दिया। ‘कबाड़ से कला’ पहल के तहत कर्मचारियों को औद्योगिक एवं कार्यालयीन कचरे से कलात्मक वस्तुओं का निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, 1 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी महा-श्रमदान में सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देना है, बल्कि कर्मचारियों के बीच नवाचार और टीम भावना को भी विकसित करना है।
यह अभियान बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक प्रतिबद्धता, नवाचार और जन-भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। विशेष रूप से, ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘कचरा मुक्त भारत’ जैसे सरकारी अभियानों के संदर्भ में इस पहल का अध्ययन करना परीक्षार्थियों के लिए लाभकारी होगा। इसके अतिरिक्त, ‘कबाड़ से कला’ जैसी पहलों के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, जो पर्यावरण नीति और शासन के क्षेत्र में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार, यह अभियान न केवल प्रशासनिक कौशल का प्रदर्शन करता है, बल्कि नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को भी रेखांकित करता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “उर्वरक विभाग का ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान: कबाड़ से कला तक, जानिए 5 स्तंभों की पूरी रणनीति”