✎ एनएचएआई द्वारा वृक्षारोपण मानदंडों को सख्त करने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर हरित आवरण बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में वृक्षारोपण के लिए अनुपालन मानदंडों को सख्त करने संबंधी हालिया निर्णय पर्यावरणीय स्थिरता और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे न्यूनतम 80 प्रतिशत वृक्षारोपण और 90 प्रतिशत पौधों की जीवित रहने की दर अनिवार्य कर दी गई है, जिससे अनंतिम पूर्णता प्रमाण पत्र (पीसीसी) जारी करने से पहले इन मानकों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह नीति न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों पर हरित आवरण को भी सुनिश्चित करेगी, जो दीर्घकालिक पारिस्थितिकी तंत्र संतुलन में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही, रखरखाव अवधि के दौरान भी 90 प्रतिशत उत्तरजीविता दर बनाए रखने का प्रावधान परियोजनाओं की गुणवत्ता और स्थायित्व को रेखांकित करता है।
इस निर्णय का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, जहां पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) मानकों का महत्व बढ़ रहा है, यह नीति बैंकों द्वारा दिए जाने वाले हरित ऋणों और स्थायी वित्तपोषण के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु बन सकती है। एसएससी परीक्षाओं में पर्यावरणीय नीतियों और सरकारी पहलों से संबंधित प्रश्नों के लिए यह विषय प्रासंगिक होगा, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण और नियामक ढांचे के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट है। इस प्रकार, यह नीति न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन विषय है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “एनएचएआई ने वृक्षारोपण मानदंड सख्त किए: राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए नए नियम”