✎ एनएसई का 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के लिए ऐतिहासिक कदम है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
**एनएसई को सेबी से 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए मंजूरी मिली**
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपने प्रस्तावित 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है। यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक होगा। सेबी द्वारा 4 सितंबर, 2026 को अंतिम अवलोकन जारी किए जाने के बाद एनएसई अब आईपीओ की तैयारी में जुट गया है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) होगा, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपने 6 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करेंगे। इसमें प्रमुख शेयरधारकों में भारतीय स्टेट बैंक, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड शामिल हैं। इस आईपीओ से एनएसई को लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण का अनुमान है, जो इससे पहले के रिकॉर्ड धारक हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ को भी पीछे छोड़ देगा।
**परीक्षाओं के लिए महत्व**
बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए यह घटना अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाने और बाजार विनियमन की प्रक्रिया को समझना आवश्यक है। आरबीआई ग्रेड बी के लिए यह जानना जरूरी है कि सेबी जैसे विनियामकों की भूमिका पूंजी बाजार की स्थिरता बनाए रखने में कैसे महत्वपूर्ण है। एसएससी परीक्षाओं में भी आर्थिक घटनाओं के संदर्भ में प्रश्न पूछे जाते हैं, जहां आईपीओ, ओएफएस और बाजार पूंजीकरण जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस प्रकार, यह घटना परीक्षार्थियों के लिए आर्थिक जागरूकता और वित्तीय बाजारों की गतिशीलता को समझने का एक प्रमुख उदाहरण है।
स्रोत: orissapost.com
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