✎ एनजीटी ने आगरा के प्रदूषित एवं अतिक्रमित तालाबों के संरक्षण हेतु 10 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
आगरा में तालाबों, पोखरों और झीलों के संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण और प्रदूषण की जांच के लिए संयुक्त कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण विभाग, टीटीजेड और जिलाधिकारी आगरा के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो राजस्व अभिलेखों के आधार पर जल निकायों के वास्तविक क्षेत्रफल का मिलान कर अतिक्रमण की स्थिति की जांच करेंगे। इसके अलावा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जल निकायों के पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। एनजीटी ने कमेटी को 10 सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है, जबकि अगली सुनवाई 21 दिसंबर को निर्धारित की गई है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई जल निकायों पर अतिक्रमण हो चुका है और उनमें घरों का गंदा पानी तथा कूड़ा डाला जा रहा है, जिसके समर्थन में जीपीएस लोकेशन, सेटेलाइट इमेज और राजस्व अभिलेख प्रस्तुत किए गए हैं।
यह मामला न केवल पर्यावरण संरक्षण और शहरी नियोजन से जुड़ा है, बल्कि इसका सीधा संबंध आर्थिक विकास और शासन व्यवस्था से भी है। बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के लिए जल निकायों का संरक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जल संसाधनों की उपलब्धता और गुणवत्ता प्रभावित होती है, जो कृषि, उद्योग और पेयजल आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी पर्यावरणीय मुद्दों, सरकारी नीतियों और शासन व्यवस्था से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों का अध्ययन परीक्षार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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