
✎ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ छात्र भाग लेते हैं और इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रमुख दायित्व सौंपा गया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी एवं एसएससी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण:**
राज्यसभा की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में सुधार एवं उसे मजबूत बनाने पर अपनी 382वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की है। समिति ने बताया कि एनटीए द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं जैसे जेईई-मुख्य, नीट-यूजी, यूजीसी-नेट एवं सीयूईटी में प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ छात्र भाग लेते हैं, जिनमें पेपर लीक एवं प्रक्रियागत कमजोरियों जैसी चुनौतियाँ सामने आई हैं। समिति ने सुझाव दिया कि एनटीए को एक विशाल, विविध एवं निरंतर अपडेट होने वाले प्रश्न बैंक का निर्माण करना चाहिए, जिससे पेपर लीक के जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा, एनटीए को अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने, जनशक्ति की कमी दूर करने एवं पारदर्शी संचार प्रणाली विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में जनता का विश्वास बहाल हो सके।
इस रिपोर्ट का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रासंगिक है। सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना न केवल उम्मीदवारों के हित में है, बल्कि शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी मजबूत करता है। एनटीए में सुधार से परीक्षा प्रणाली में सुधार होगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, यह विषय शासन एवं अर्थव्यवस्था के अंतर्गत सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली एवं सुधार उपायों पर केंद्रित है, जो आरबीआई ग्रेड बी एवं अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में भी शामिल होता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

