✎ एनसीएससी ने तरनतारन मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और त्वरित न्याय के लिए 5 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने तरनतारन मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए संबंधित अधिकारियों को पाँच दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने पाया कि पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री स्व. श्री बूटा सिंह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से संबंधित प्राथमिकी में जांच और गिरफ्तारी में अनावश्यक देरी हो रही है, जबकि 5 मई 2026 की सुनवाई में पहले ही निर्धारित अवधि में कार्यवाही पूरी करने की सिफारिश की जा चुकी थी। आयोग ने आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और बिना विलंब के चार्जशीट दाखिल करने पर जोर दिया है, साथ ही जांच में लापरवाही के मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की संभावना भी व्यक्त की है। याचिकाकर्ता श्री सरबजोत सिंह और उनके आश्रितों को धमकियों के मद्देनजर एससी/एसटी अधिनियम की धारा 15ए के तहत दिल्ली और पंजाब में पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया गया है।
यह मामला सरकारी जवाबदेही, कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय प्रशासनिक सुधारों, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जैसे विषयों से जुड़ा है। एनसीएससी जैसी संस्थाओं द्वारा उठाए गए कदम प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होते हैं, जो परीक्षाओं में प्रशासनिक सुधारों और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होंगे। इसके अतिरिक्त, एससी/एसटी अधिनियम जैसे कानूनों का उल्लेख परीक्षाओं में सामाजिक न्याय और अधिकारिता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने में मदद करेगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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