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एनसीपीसीआर ने विशेष अभियान के तहत 3800 से ज़्यादा बच्चों को बाल मज़दूरी से मुक्त कराया — diagram
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बाल मज़दूरी बचाव अभियान

✎ बाल श्रम मुक्ति अभियान से 3800+ बच्चों को बचाया गया एवं पुनर्वास किया गया।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा 12 जून से 31 अगस्त 2026 तक चलाए गए विशेष “अखिल भारतीय बचाव और पुनर्वास” अभियान के तहत 3,800 से अधिक बच्चों को बाल मज़दूरी और तस्करी से मुक्त कराया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीपीसीआर ने राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, श्रम विभाग, पुलिस तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रम और शोषण के शिकार बच्चों की पहचान, बचाव और पुनर्वास के प्रयासों को तीव्र किया। अभियान के दौरान जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से बाल श्रम की रिपोर्टिंग और पुनर्वास के महत्व पर जोर दिया गया, जिससे न केवल बच्चों को मुक्ति मिली बल्कि 575 से अधिक प्राथमिकियां भी दर्ज की गईं।

यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सामाजिक न्याय, बाल अधिकार संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन जैसे विषय शामिल हैं, जो परीक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित हैं। साथ ही, बाल मज़दूरी और तस्करी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की पहल, नीति निर्माण तथा विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय जैसे तत्व भी प्रशासनिक क्षमता और नीति निर्माण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे मुद्दे प्रायः सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जाते हैं, जिससे उम्मीदवारों को देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सरकारी प्रयासों की गहरी समझ प्राप्त होती है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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