✎ उड़ीसा के आदिवासी छात्रावासों में नाबालिग गर्भावस्था मामलों पर त्वरित जांच और सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**ओडिशा के आदिवासी छात्रावासों में दो वर्षों में 24 मामले: सरकार ने उठाए कदम**
ओडिशा में सरकारी आदिवासी छात्रावासों में पढ़ने वाली 24 नाबालिग लड़कियां पिछले दो शैक्षणिक वर्षों में गर्भवती हुईं, जिसमें 2025-26 में 15 मामले सामने आए। स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने राज्य विधानसभा में बताया कि 2024-25 में नौ मामले थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 15 हो गई। अधिकतर मामले दूरस्थ आदिवासी जिलों जैसे कंधमाल, कोरापुट, मलकानगिरी और रायगढ़ा से थे, जहां लड़कियां परिवार से दूर रहने के कारण असुरक्षित हो सकती हैं। सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ को गिरफ्तार किया और अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे शासन व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर प्रकाश पड़ता है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में बाल विवाह और किशोर गर्भावस्था जैसी चुनौतियों को नियंत्रित करने के लिए सरकारी नीतियों और उनके प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के आंकड़ों के अनुसार ओडिशा में किशोर गर्भावस्था की दर में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन कुछ जिलों में यह अभी भी चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है।
स्रोत: Hindustan Times
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

