✎ औषध विभाग ने 'स्वच्छता पखवाड़ा' के माध्यम से स्वच्छता एवं जन-स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास किया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा 1 से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ ने सरकारी कार्यालयों, पीएसयू तथा शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस अभियान के दौरान विभाग, नाईपर संस्थानों तथा पीएसयू इकाइयों में व्यापक सफाई अभियान चलाए गए, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों एवं संकाय सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सचिव मनोज जोशी द्वारा स्वच्छता की शपथ दिलाने तथा संयुक्त सचिव अमन शर्मा के नेतृत्व में जनपथ बाज़ार में श्रमदान जैसे कार्यक्रमों ने सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान के निपटान तथा कीट-नियंत्रण अभियानों ने परिसरों को स्वस्थ एवं व्यवस्थित बनाए रखने में मदद की। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो जन-स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के लिए स्वच्छ वातावरण के महत्व को रेखांकित करता है।
‘स्वच्छता पखवाड़ा’ जैसी सरकारी पहलों का सीधा संबंध बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं से है, जहाँ शासन प्रणाली, नीति-निर्माण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। बैंक पीओ एवं एसबीआई परीक्षाओं में सरकारी योजनाओं, पीएसयू की भूमिका तथा नीति कार्यान्वयन जैसे पहलुओं पर आधारित प्रश्न शामिल होते हैं, जिनमें ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में शासन, पारदर्शिता तथा सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का विश्लेषण शामिल है, जहाँ इस तरह की पहलों के प्रभाव एवं महत्व को समझना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, एसएससी परीक्षाओं में भी ‘स्वच्छता अभियान’, ‘पीएसयू’ तथा ‘सरकारी नीतियाँ’ जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिनमें इस अभियान की प्रासंगिकता स्पष्ट होती है। इस
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “औषध विभाग ने मनाया ‘स्वच्छता पखवाड़ा’, जानिए मुख्य पहल”