प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले द्वारा लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार, कर्नाटक के चिक्कबल्लापुरा जिले में केंद्र सरकार की तीन प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं—अनुसूचित जाति के लिए मैट्रिक-पश्चात् छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी), मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति और श्रेयस-एससी योजना—के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 13,550 से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ मिला। इनमें 8,460 छात्रों को मैट्रिक के बाद और 5,090 छात्रों को मैट्रिक से पूर्व छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जबकि श्रेयस-एससी योजना का लाभ किसी को नहीं मिला। मंत्रालय द्वारा 2021-22 में मैट्रिक-पूर्व और 2022-23 में मैट्रिक-पश्चात् योजनाओं में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली लागू करने से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से पारदर्शिता और समयबद्धता में सुधार हुआ है। नीति आयोग के आकलन के अनुसार, इन योजनाओं ने अनुसूचित जाति के छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और ड्रॉपआउट दरों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।**
**यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की भूमिका तथा नीति आयोग के आकलन जैसे प्रमुख विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से वित्तीय समावेशन और पारदर्शिता जैसे मुद्दे पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी में सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और उनके प्रभाव पर प्रश्न बन सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में नीति आयोग के आकलन और आर्थिक समावेशन जैसे विषय भी प्रासंगिक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं का ज्ञान सामान्य जागरूकता
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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