✎ कर्नाटक की गारंटी योजनाएं गरीबों एवं महिलाओं को सशक्त बनाकर सामाजिक न्याय एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
कर्नाटक की सरकार द्वारा लागू की गई पांच गारंटी योजनाएं—जिनमें गृह लक्ष्मी, शक्ति, अन्न भाग्य, युवानिधि और गृह ज्योति शामिल हैं—ने राज्य के करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। ये योजनाएं न केवल गरीब और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने में सफल रही हैं, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन गई हैं। कर्नाटक सरकार द्वारा अब तक इन योजनाओं पर 1.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जिससे सामाजिक न्याय और गरीबी उन्मूलन के प्रयासों को बल मिला है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं, किसानों, बेरोजगारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ है। यह मॉडल बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याणकारी नीतियों के बारे में जानकारी मिलती है।
कर्नाटक की इन गारंटी योजनाओं ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि अन्य राज्यों को भी प्रेरित किया है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) को बढ़ावा दिया है, जिससे पारदर्शिता और कुशलता में वृद्धि हुई है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को समझा जा सकता है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। कर्नाटक का यह मॉडल दर्शाता है कि कैसे सरकारी नीतियां जनकल्याण के लिए प्रभावी हो सकती हैं, जो परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत: The Hindu
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