✎ कर्नाटक में अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक सुरक्षा उपायों एवं विकास योजनाओं की समीक्षा हुई, जिसमें वन अधिकार अधिनियम के तहत दावों की अस्वीकृति एवं पीवीटीजी के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
कर्नाटक राज्य में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और विकास योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) द्वारा बेंगलुरु में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एनसीएसटी के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने की, जिसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समीक्षा में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत भूमि अधिकारों के दावों की अस्वीकृति, बैकलॉग रिक्तियों की स्थिति, तथा पीवीटीजी समुदायों (कोरगा और जेनू कुरुबा) के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोग ने राज्य में एक अलग अनुसूचित जनजाति आयोग स्थापित करने तथा जनजातीय हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत सुधारों पर जोर दिया।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें संवैधानिक प्रावधानों, आरक्षण नीति, वन अधिकार कानून तथा जनजातीय कल्याण योजनाओं जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। परीक्षाओं में अक्सर एनसीएसटी की भूमिका, पीवीटीजी के संरक्षण, तथा सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में जनजातीय विकास के लिए आवंटित धनराशि तथा उसकी पारदर्शिता भी महत्वपूर्ण होती है, जो आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी के आर्थिक एवं सामाजिक विकास से संबंधित प्रश्नों में उपयोगी हो सकती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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