✎ कर्नाटक में बाल श्रम विरोधी अभियान सफल रहा, जिसमें 800 बच्चों को बचाया गया और कानूनी कार्यवाही शुरू हुई।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Society
हाल ही में कर्नाटक पुलिस ने राज्य भर के सभी 962 पुलिस थानों में एक सर्वे अभियान चलाकर कम से कम 800 बाल श्रमिकों को बचाया। यह अभियान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा बेंगलुरु के एपीएमसी बाजार का दौरा करने के कुछ दिनों बाद हुआ, जहां उन्होंने बाल श्रमिकों को देखा था और तत्काल 29 बच्चों को बचाया था। शनिवार को चले इस अभियान में सर्वाधिक 503 बच्चों को बेंगलुरु से बचाया गया, इसके बाद विजयपुरा (72), तुमकुरु (33), कोप्पल (27), कलबुरागी (22), बल्लारी (15) और मैसूर (13) का स्थान रहा। इस अभियान में मुख्य रूप से गैरेज, मार्ट, मरम्मत की दुकानों, होटलों, बाजारों, बार और रेस्तराओं पर छापेमारी की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अभी जारी है और कानूनी कार्रवाई के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा कुछ मामलों में नोटिस भी जारी किए गए हैं। बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत इन प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
यह घटना बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा एवं बाल अधिकार जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में बाल श्रम के उन्मूलन से संबंधित सरकारी पहलों, जैसे ‘बाल श्रम मुक्त भारत अभियान’ के तहत ऋण एवं वित्तीय सहायता योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है। एसएससी परीक्षा में इससे बाल अधिकारों, संविधान के अनुच्छेद 24 (बाल श्रम पर प्रतिबंध), राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) तथा ‘सर्व शिक्षा अभियान’ जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में सामाजिक मुद्दों, विशेषकर बाल श्रम के आर्थिक प्रभावों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर भी
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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