✎ चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल लोकतंत्र के लिए चिंताजनक हैं, जिसमें मतदाता सूची और मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
कांग्रेस के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में दो सदस्यों की असहमति के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त की सहमति से लिए गए फैसलों से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। विनय कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चलते लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार से वंचित रहने की आशंका जताई और गोवा में मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा चार महीने तक आयोग की बैठक न होने जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण की मांग की। उनका कहना है कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर उठे सवाल लोकतंत्र के लिए चिंताजनक हैं, जिन्हें सार्वजनिक रूप से सुलझाया जाना चाहिए।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतंत्र की मजबूती जैसे विषय शामिल हैं। परीक्षा में इस तरह के प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 324 (चुनाव आयोग की स्वतंत्रता), लोकतंत्र के सिद्धांतों और संवैधानिक संस्थाओं के महत्व पर आधारित हो सकते हैं। साथ ही, हाल के वर्षों में चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदमों, जैसे मतदाता सूची में संशोधन या चुनाव सुधारों पर भी सवाल पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को संविधान और राजनीतिक व्यवस्था की गहरी समझ रखनी होगी।
स्रोत: amarujala.com
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