✎ विदेशी चंदे पर नियंत्रण बढ़ाने वाले विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने 2023 के निलंबन कांड की पुनरावृत्ति रोकने की चेतावनी दी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
कांग्रेस ने विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक का कड़ा विरोध करने की घोषणा की है और सरकार को चेतावनी दी है कि वह दिसंबर 2023 की उस घटना को दोहराने का प्रयास न करे, जब विपक्ष के 146 सांसदों को निलंबित कर प्रमुख कानून पारित कर दिए गए थे। कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेनुगोपाल ने कहा कि सरकार को यह नहीं मान लेना चाहिए कि मानसून सत्र के शेष दिनों में वह विदेशी अंशदान विनियमन विधेयक को बिना किसी प्रतिरोध के पारित करवा सकेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन अल्पसंख्यकों और गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। साथ ही, उन्होंने आरएसएस से जुड़े संगठनों द्वारा प्राप्त विदेशी चंदे पर भी सवाल उठाए। इस विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को 10 से 12 अगस्त तक संसद में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है, ताकि सरकार के इस प्रयास को रोका जा सके।
विधेयक के राजनीतिक और प्रशासनिक निहितार्थों को देखते हुए यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की मुख्य परीक्षा में राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन के पेपर में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों और उसके संशोधनों का उल्लेख किया जा सकता है। इसके अलावा, समसामयिक मामलों के सेक्शन में भी इस विधेयक के माध्यम से सरकार की नीतियों और विपक्ष की भूमिका पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी के मुख्य परीक्षा में भी प्रशासनिक सुधारों और विधायी प्रक्रियाओं से संबंधित प्रश्नों में इस विषय का उल्लेख किया जा सकता है, जबकि एसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं में इसके माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच संबंधों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
स्रोत: The Hindu
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