प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में ‘खेलो इंडिया खेल उपकरण विनिर्माण योजना’ को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य भारत में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल विनिर्माण परितंत्र विकसित करना है। इस योजना के तहत 2026 से 2033-34 तक 1,856.67 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसका लक्ष्य निवेश आकर्षित करना, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना, कौशल विकास करना, गुणवत्ता प्रमाणन सुनिश्चित करना और निर्यात को प्रोत्साहित करना है। यह योजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘खेलो इंडिया नीति 2025’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिससे घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और भारतीय खेल उपकरणों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, यह योजना क्लस्टर-आधारित विनिर्माण को बढ़ावा देगी, जिससे एकीकृत औद्योगिक पारितंत्र का विकास होगा और खेल सामग्री मूल्य श्रृंखला में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि यह भारत के औद्योगिक विकास, निवेश प्रवाह और निर्यात संवर्धन से संबंधित अवधारणाओं को स्पष्ट करती है। बैंकिंग परीक्षाओं में, इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा खेल उपकरण क्षेत्र में किए जा रहे सार्वजनिक निवेश और इसके आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में, इस योजना के माध्यम से ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी सरकारी पहलों के उद्देश्यों और लाभों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में, इस योजना के माध्यम से देश के विनिर्माण क्षेत्र में सुधार और इसके आर्थिक विकास पर प्रभाव जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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