
✎ ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III से भारत की नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के साथ इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (InSTS) के विकास के लिए ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III’ (GEC-III) योजना को मंजूरी प्रदान की है। यह योजना देश के भीतर 135 गीगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन और एकीकरण को सुगम बनाने के लिए तैयार की गई है, जिससे ग्रिड की लचीलापन बढ़ेगी और रुक-रुक कर होने वाली आपूर्ति तथा पीक आवर्स में आने वाली बाधाओं का समाधान होगा। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत 50 GWh क्षमता वाले बीईएसएस की स्थापना का प्रस्ताव है, जो सौर ऊर्जा की अनुपलब्धता के समय मांग को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा। कुल परियोजना लागत 1,86,405 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 54,082 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता भी शामिल है, जिससे अंततः उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इस योजना का महत्व प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए अत्यधिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में इस योजना के माध्यम से सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विषयों पर नीति निर्माण के संदर्भ में भी इस योजना का उल्लेख किया जा सकता है। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में राष्ट्रीय विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर इस योजना के प्रभाव को समझने के लिए प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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