✎ समुद्र मंथन योजना भारत की अपतटीय ऊर्जा क्षमता का दोहन कर ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 84,084 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली ‘समुद्र मंथन’ (राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना) को मंजूरी दी है, जो पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एक प्रमुख केन्द्रीय क्षेत्र योजना है। इस योजना का उद्देश्य भारत की अपतटीय ऊर्जा क्षमता का दोहन कर ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, घरेलू अन्वेषण एवं उत्पादन में तेजी लाना तथा तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देना है। इसमें भूकंपीय डेटा संग्रह, गहरे पानी में ड्रिलिंग, साझा बुनियादी ढांचे का विकास और एकीकृत तेल-गैस पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना शामिल है। इसके माध्यम से 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट (एमएमटीओई) से अधिक के भंडार की खोज की उम्मीद है, जिससे रोजगार सृजन, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बल मिलेगा। यह योजना भारत को वैश्विक स्तर पर अपतटीय प्रौद्योगिकी एवं सेवाओं में प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक विकास के अवसर भी प्रदान करेगी।
‘समुद्र मंथन’ योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि यह ऊर्जा सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख पहलुओं को रेखांकित करती है। बैंकिंग परीक्षाओं में इसके माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, सरकारी बजट आवंटन और आर्थिक सुधारों जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में राष्ट्रीय विकास योजनाओं और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर आधारित प्रश्नों की संभावना है। आरबीआई ग्रेड बी में ऊर्जा संसाधनों के प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और उनके आर्थिक निहितार्थों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इस योजना के माध्यम से सरकार की ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के प्रयासों को भी समझा जा सकता है, जो समसामयिक घटनाओं और नीति निर्माण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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