✎ रेल नेटवर्क विस्तार से 14 जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी, माल ढुलाई क्षमता एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, ओडिशा, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के कुल चौदह जिलों में फैली तीन बहु-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, जिनसे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी तथा इनके वर्ष 2029-30 तक पूर्ण होने की संभावना है। ये परियोजनाएँ खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन के रूप में प्रस्तावित हैं। इनके माध्यम से रेल परिचालन में भीड़भाड़ कम होगी तथा प्रचालनगत दक्षता एवं सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, ये परियोजनाएँ प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तथा लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाकर क्षेत्रीय विकास एवं रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।
इस निर्णय का बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये विशेष महत्व है। परीक्षाओं में भारतीय अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढाँचे के विकास तथा सरकारी योजनाओं से सम्बन्धित प्रश्न प्रायः पूछे जाते हैं। इस परियोजना से रेलवे बुनियादी ढाँचे के विस्तार, माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि तथा पर्यावरणीय लाभ जैसे बिन्दुओं पर प्रश्न बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना तथा इसके उद्देश्यों पर भी ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि यह नवीनतम सरकारी पहल है, जिसका उल्लेख विभिन्न परीक्षाओं में किया जा सकता है। इस प्रकार, इस विषय को ध्यानपूर्वक पढ़ने से न केवल सामान्य जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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