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केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित जनजातियों का पुनर्वास — concept mind map

✎ केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण जनजातीय परिवारों के पुनर्वास हेतु वन अधिकार अधिनियम, 2006 और राज्य नीति के अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

केन-बेतवा लिंक परियोजनाकेन-बेतवा लिंक प्राधिकरणजल शक्ति मंत्रालयपरियोजना निगरानीराज्य सरकारेंभूमि अधिग्रहणपुनर्वासन गतिविधियांजनजातीय कार्य मंत्रालयनिगरानी समितियोजना मंजूरीअनुसूचित जनजाति648 पीएएफ2016 प्रस्तावपरियोजना प्रभावित1,913 पीएएफजनसंख्या 8,339
केन-बेतवा लिंक परियोजना

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत जनजातीय समुदायों के पुनर्वास पर जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उठाए गए मुद्दों की जानकारी हाल ही में लोकसभा में राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके ने साझा की। इस परियोजना के चरण-I में कुल 1,913 परिवारों (8,339 व्यक्तियों) के विस्थापन का अनुमान था, जिसमें 648 अनुसूचित जनजाति परिवार शामिल थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी शिकायत में मुआवजा राशि के संवितरण में कमी नहीं पाई गई है, किंतु पुनर्वास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कुछ मुद्दे सामने आए हैं। इन शिकायतों की जांच कर उन्हें मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित जिला प्रशासन को आगे की कार्रवाई हेतु भेजा गया है, क्योंकि वन अधिकार अधिनियम (एफआरए), 2006 का कार्यान्वयन राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने परियोजना के चरण-II के लिए निर्धारित शर्तों के साथ अनुमोदन प्रदान किया है, जिसमें राज्य सरकारों को राष्ट्रीय पुनर्वासन नीति के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा वन भूमि के हस्तांतरण से पूर्व एफआरए के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है।

इस मुद्दे का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे प्रशासनिक व्यवस्था, नीति निर्माण तथा जनजातीय अधिकारों जैसे विषयों पर बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जा सकते हैं। विशेष रूप से, वन अधिकार अधिनियम, पुनर्वास नीति, भूमि अधिग्रहण अधिनियम तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, केंद्र-राज्य संबंध, नीति निर्माण में विभिन्न मंत्रालयों की भूमिका तथा पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया जैसे विषय भी परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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