✎ केरल सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नई शराब नीति तैयार करने की घोषणा की है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केरल के Excise Minister M. Liju ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्ट अधिकारियों और अवैध गतिविधियों में लिप्त बार मालिकों के खिलाफ Vigilance जांच की सिफारिश करेगी। यह कदम केरल के कोट्टायम जिले के सात Excise अधिकारियों, जिनमें एक Deputy Commissioner भी शामिल हैं, के निलंबन के बाद उठाया गया है। इन अधिकारियों पर अवैध रूप से नकद, शराब और अन्य लाभ लेने के आरोप लगे हैं। Operation Bijapur के तहत शुरू हुई इस जांच में अधिकारियों द्वारा निर्धारित समय के बाद बार खुले रखने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानूनी रूप से चल रहे बार मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नई लिकर नीति को सितंबर के अंत तक लागू करने की तैयारी चल रही है, जिसमें सभी हितधारकों से चर्चा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य बारों की संख्या में वृद्धि को रोकना है तथा निम्न-मादक पेय पदार्थों पर निर्णय विशेषज्ञों की राय के आधार पर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, Excise विभाग को आधुनिकीकरण के लिए राज्य और केंद्र सरकार से अधिक शक्तियों की मांग की जाएगी, ताकि ड्रग तस्करों पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सके। यह कदम भ्रष्टाचार नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जो Banking, SSC और RBI Grade B परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता, भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा सरकारी नीतियों के निर्माण की प्रक्रिया का अध्ययन करने में मदद मिलेगी।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “केरल में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई: निलंबित अधिकारियों के खिलाफ Vigilance जांच की सिफारिश, नई शराब नीति सितंबर अंत तक”