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National Education Policy 2020 not approved in Kerala, clarifies KSHEC — concept mind map
केरल में एनईपी 2020 अनुमोदन स्थितिकेरल राज्य उच्च शिक्षा परिषद (केएसराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020अनुमोदन स्थितिअनुमोदित नहींकेंद्र सरकार द्वारा अनुमोदितकार्यक्षेत्रकेरल राज्य तक सीमितपूरे देश में लागूउद्देश्यचार-वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में सुधारपूरे शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारनिर्णय लेने की शक्तिनीति निर्णय लेने का अधिकार नहींकेंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित नीति
केरल में एनईपी 2020 अनुमोदन स्थिति

✎ केरल में एनईपी 2020 को राजनीतिक नेतृत्व ने अस्वीकार किया है, केवल संरचनात्मक सुधार ही लागू किए जा रहे हैं।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

केरल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी नहीं दी गई है, यह स्पष्ट किया गया है। केरल राज्य उच्च शिक्षा परिषद (केएसएचईसी) के उपाध्यक्ष अच्युतशंकर एस. नायर ने बताया कि परिषद द्वारा गठित एक समिति को चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूजीपी) में तत्काल सुधारों और संशोधनों की सिफारिश करने के लिए बनाया गया था, जो राज्य में पिछले तीन वर्षों से लागू है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समिति को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी देने का अधिकार नहीं है। समिति की अंतरिम रिपोर्ट को शुक्रवार को होने वाली केएसएचईसी की कार्यकारी समिति की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ढांचागत पहलुओं को ही केरल में लागू किया जा रहा है, जबकि नीति के अन्य पहलुओं पर राजनीतिक नेतृत्व पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह मुद्दा बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत में शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव करती है, जिसमें पाठ्यक्रम संरचना, शिक्षण विधियों और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव शामिल हैं। चूंकि केरल जैसे राज्य नीति के कुछ पहलुओं को लागू करने में सावधानी बरत रहे हैं, इससे यह समझने में मदद मिलती है कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शिक्षा नीति को लेकर क्या मतभेद हो सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर केंद्र-राज्य संबंध, शिक्षा नीति और प्रशासनिक अधिकार जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इस मुद्दे की समझ परीक्षा के दृष्टिकोण से लाभकारी होगी।

स्रोत: The Hindu


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