
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘कंटेनर विनिर्माण संवर्धन योजना’ (सीएमपीएस) को मंजूरी प्रदान की है, जिसके अंतर्गत 10,000 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ वित्त वर्ष 2039-40 तक इस योजना को संचालित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय कंटेनर निर्माण पारितंत्र विकसित करना, आयात पर निर्भरता घटाना तथा आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाना है। इसमें ‘इंटरेस्ट सबवेंशन असिस्टेंस’ (आईएसए) के अंतर्गत कंटेनर निर्माताओं को 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जबकि ‘ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर असिस्टेंस’ (ओईए) के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप निर्मित कंटेनरों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 150 करोड़ रुपये की सहायता से परीक्षण तथा प्रमाणीकरण सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इस योजना से वार्षिक 7.5 लाख टीईयू क्षमता तक कंटेनर निर्माण में लगभग दस गुना वृद्धि होने की संभावना है, जिससे भारत वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में उभर सकेगा तथा समुद्री एवं रसद आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती मिलेगी।
इस योजना का बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि इससे विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा, ऋण प्रवाह बढ़ेगा तथा निर्यात-आयात गतिविधियों में वृद्धि होगी, जो प्रत्यक्ष रूप से बैंकों की ऋण वृद्धि तथा विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार से जुड़ा है। एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न राजनीतिक निर्णयों, बजटीय आवंटन तथा आर्थिक सुधारों के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस योजना के माध्यम से रोजगार सृजन तथा सहायक उद्योगों के विकास से संबंधित तथ्य भी परीक्षा के दृष्टिकोण से प्रासंगिक हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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