✎ ई-कचरा पुनर्चक्रण से संसाधन दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
खान मंत्रालय द्वारा ‘विशेष अभियान 6’ के अंतर्गत ई-कचरा संग्रहण अभियान को मजबूत करने का निर्णय चक्रीय अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान का नेतृत्व जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी) द्वारा किया जा रहा है, जबकि मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमआरएआई) इसके सहयोगी संगठन के रूप में कार्य कर रहा है। देशभर के 44 से अधिक कार्यालय स्थलों पर ई-कचरा संग्रहण एवं जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 28 से अधिक स्थान शामिल हैं। यह पहल न केवल ई-कचरे के जिम्मेदार संग्रहण और पुनर्चक्रण को सुनिश्चित करेगी, बल्कि इससे मूल्यवान द्वितीयक संसाधनों की पुनर्प्राप्ति भी संभव होगी, जो आधुनिक तकनीकों के लिए आवश्यक खनिजों की आपूर्ति में सहायक सिद्ध होगी। इस अभियान के माध्यम से संसाधन दक्षता को बढ़ावा मिलेगा और प्राथमिक खनिज संसाधनों पर दबाव कम होगा, जिससे सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें संसाधन प्रबंधन, पर्यावरणीय स्थिरता और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं, जो वर्तमान में सरकारी नीतियों और वैश्विक चुनौतियों का प्रमुख हिस्सा बन चुके हैं। बैंकिंग क्षेत्र में, जहां ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) मानकों का महत्व बढ़ रहा है, इस प्रकार की पहलों से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी संसाधन पुनर्चक्रण, ई-कचरा प्रबंधन और सरकारी अभियानों से संबंधित तथ्यों को शामिल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, इस अभियान के माध्यम से सरकार द्वारा अपनाई जा रही नवाचार और तकनीकी समाधानों की समझ भी परीक्षार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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