प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Environment
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 19वीं बैठक पर्यावरणीय स्थिरता और जल संसाधन प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित रही। इस बैठक में गंगा बेसिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों तथा विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिसमें गंगा बेसिन में बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण और नदी प्रबंधन से संबंधित नीतियों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान लॉन्च किए गए ‘पुनः भरण मोबाइल ऐप’ जैसे तकनीकी नवाचार जल संसाधन प्रबंधन में डिजिटलीकरण के बढ़ते महत्व को दर्शाते हैं, जो सरकारी परीक्षाओं में पर्यावरणीय तकनीकों और जल नीति के प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। इसके अतिरिक्त, बोर्ड द्वारा प्रस्तावित जोखिम-आधारित बेसिन मास्टर प्लान और संशोधित कार्यादेश केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने तथा बाढ़ प्रबंधन में तकनीकी सुधारों पर जोर देते हैं, जो आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं में शासन व्यवस्था और नीति निर्माण के विषयों से जुड़े होते हैं।
गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड का गठन 1972 में हुआ था, जिसका उद्देश्य गंगा बेसिन में बाढ़, कटाव और जल निकासी की चुनौतियों का समाधान करना है। इस बैठक में अंतरराज्यीय सहयोग, तकनीकी मूल्यांकन और समयबद्ध निर्णय लेने की प्रक्रिया पर जोर दिया गया, जो बैंकिंग और एसएससी परीक्षाओं के लिए आर्थिक विकास और संसाधन प्रबंधन के विषयों में उपयोगी है। इसके अलावा, बैठक में नदी आकृति विज्ञान, अवसादन अध्ययन और बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली के विकास पर चर्चा हुई, जो पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। इस प्रकार, यह घटना न केवल जल संसाधन प्रबंधन में नवाचार को दर्शाती है, बल्कि सरकारी परीक्षाओं के लिए पर्यावरणीय नीतियों और तकनीकी प्रगति के महत्व को भी रेखांकित करती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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