✎ ग्राम पंचायतों के पोर्टल अपग्रेडेशन से नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं सुचारू रूप से मिल सकेंगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
ग्राम पंचायतों के पोर्टलों के पुनर्निर्माण में देरी के कारण ऑनलाइन सेवाएं बाधित हो रही हैं, जो देश भर में शासन व्यवस्था के डिजिटलीकरण के प्रयासों पर सवाल उठाती हैं। कोझिकोड जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतें अब स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा बनाए गए एक सामान्य पोर्टल पर निर्भर हैं, जिसमें आधारभूत डेटा तो है, परंतु वह या तो कार्यहीन है या पुरानी जानकारी से भरा हुआ है। नव निर्वाचित वार्ड सदस्यों या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के विवरण तक अपडेट नहीं किए गए हैं, जिससे नागरिकों को विभिन्न सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई हो रही है। कुछ पंचायतों द्वारा अपने स्वयं के पोर्टल बनाने के प्रयास भी विफल रहे हैं, क्योंकि इसके लिए डिजाइनिंग लागत और तकनीकी टीम की आवश्यकता प्रमुख बाधाएँ बनी हुई हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को प्रभावित कर रही है, बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन के लक्ष्यों को भी कमजोर कर रही है, जिसके तहत ग्रामीण स्तर पर ऑनलाइन सेवाओं का सुलभ होना अनिवार्य है। ऐसे में, बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे प्रशासनिक सुधार, डिजिटल शासन, और ग्रामीण विकास से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलेगी।
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए, ग्राम पंचायतों के पोर्टलों का आधुनिकीकरण न केवल नागरिकों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता आएगी। वर्तमान में, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाओं तक पहुँचने के लिए नागरिकों को अलग-अलग पोर्टलों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। कोझिकोड नगर निगम द्वारा शुरू किया गया पुनर्निर्मित पोर्टल एक आदर्श उदाहरण है, जिसे तकनीकी सहायता के माध्यम से ग्राम पंचायतों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। इस प्रकार, यह विषय बैंक पीओ, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए
स्रोत: The Hindu
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