
✎ ग्रीन इंडिया मिशन के लक्ष्यों की पूर्ति में वित्तीय योजना एवं अभिसरण की कमी प्रमुख कारण रही।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हाल ही में जारी सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय नियोजन में कमी और राज्य तथा केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ तालमेल न होने के कारण ग्रीन इंडिया मिशन (जीआईएम) में बड़ी कमी आई है। यह मिशन राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजना (एनएपीसीसी) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाना तथा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं में सुधार करना है। सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि जीआईएम के कार्यान्वयन में एकीकरण की कमी स्पष्ट थी, जिसके कारण वन आवरण सुधार और वृक्षारोपण दोनों में लक्ष्यों से बड़ी कमी रही। उदाहरण के लिए, 1.4 मिलियन हेक्टेयर वन आवरण सुधार के लक्ष्य के मुकाबले केवल 0.11384 मिलियन हेक्टेयर में ही सुधार हुआ, जबकि वृक्षारोपण के मामले में 1.4 मिलियन हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 0.03409 मिलियन हेक्टेयर में वृद्धि हुई। इसके अतिरिक्त, राज्यों द्वारा कार्बन अवशोषण का आकलन भी नहीं किया गया, जिससे वित्तीय प्रबंधन में और कमजोरियां उजागर हुईं।**
**इस मिशन के लिए आवंटित धनराशि का भी पूरा उपयोग नहीं हो पाया। कैबिनेट समिति द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान स्वीकृत 2,000 करोड़ रुपये तथा 13वीं वित्त आयोग से प्राप्त 400 करोड़ रुपये के मुकाबले केवल 1,149.14 करोड़ रुपये (47.88%) ही बजटीय सहायता के रूप में मिल सके। इसके अलावा, कमजोर समन्वय के कारण प्रस्तावित 10,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्राप्त नहीं हो सकी। यह रिपोर्ट न केवल पर्यावरणीय लक्ष्यों की पूर्ति में विफलता को दर्शाती है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहतर वित्तीय नियोजन और समन्वय की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। बैंक पीओ, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सरकारी योजन
स्रोत: Hindustan Times
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