मानचित्र व माइंड-मैप: MoTA-CSIR-NBRI pact for tribal medicinal plants
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
जनजातीय मामलों के मंत्रालय और सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) के बीच हुए समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दुर्लभ, लुप्तप्राय और संकटग्रस्त औषधीय पौधों की प्रजातियों के संरक्षण के साथ-साथ जनजातीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान की रक्षा करना है। इस तीन वर्षीय साझेदारी के तहत अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें ऊतक संवर्धन सुविधाओं और बीज बैंकों का विकास शामिल है। स्थानीय जनजातीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता निर्माण किया जाएगा, जिससे उन्हें जैव संसाधनों के संरक्षण में शामिल किया जा सके। यह समझौता जैव विविधता अधिनियम, 2002 का पूर्ण अनुपालन करते हुए जनजातीय समुदायों की पूर्व-सूचित सहमति (पीआईसी) को अनिवार्य बनाता है। उत्पन्न बौद्धिक संपदा का स्वामित्व संयुक्त रूप से रखा जाएगा और वित्तीय लाभ राष्ट्रीय तथा राज्य जैव विविधता कोष के माध्यम से वापस किया जाएगा, जिससे जनजातीय समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।
यह समझौता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकार की जैव विविधता संरक्षण, जनजातीय कल्याण और सतत विकास से संबंधित नीतियों को समझने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, इस तरह के समझौतों से अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और सामुदायिक विकास जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जो परीक्षाओं में सामान्य जागरूकता और पर्यावरणीय मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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