✎ झारखंड में जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र से 6,500 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
झारखंड सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से लगभग 6,500 करोड़ रुपये की बकाया राशि की तत्काल मांग की है, ताकि राज्य में अधूरी पेयजल योजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के समक्ष इस मुद्दे को उठाया, जिसमें पहाड़ी और वनाच्छादित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की चुनौती को प्रमुखता से बताया गया। केंद्र से समय पर धन आवंटन न होने के कारण कई महत्वाकांक्षी योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं, जिससे ग्रामीण आबादी तक 100% शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है।
इस मांग का राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्व है, क्योंकि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो 2024 तक सभी ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखती है। बैंकिंग परीक्षाओं के लिए यह विषय इसलिए प्रासंगिक है, क्योंकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय संसाधनों की भूमिका और केंद्र-राज्य समन्वय जैसे मुद्दे अक्सर पूछे जाते हैं। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी शासन व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन से संबंधित प्रश्नों के लिए यह नोट उपयोगी साबित होगा, जहां सरकारी नीतियों और उनके क्रियान्वयन के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
स्रोत: amarujala.com
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